
बाराबंकी में दिनदहाड़े हत्या


समानता के अधिकार के लिए भीम आर्मी का पैदल मार्च
सरकार ने राजस्व बढ़ाने और सट्टेबाजी (speculation) को कम करने के लिए कुछ क्षेत्रों में करों में बढ़ोतरी की है:
शेयर बाजार (F&O Trading): फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर STT (Securities Transaction Tax) में भारी बढ़ोतरी हुई है।
Futures: 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
Options: प्रीमियम पर कर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
शराब और तंबाकू: तंबाकू उत्पादों, सिगरेट और शराब पर ‘सिन टैक्स’ (Sin Tax) और एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है। सिगरेट की कीमतों में 20-40% तक की वृद्धि होने का अनुमान है।
मेटल और मिनरल्स: स्टील, एल्युमीनियम स्क्रैप, लौह अयस्क (Iron ore) और कोयला जैसे खनिजों पर कर और पेनल्टी में बदलाव से ये महंगे हो सकते हैं।
लग्जरी और आयातित कारें: कुछ चुनिंदा आयातित खनिजों और महंगी कारों पर कस्टम ड्यूटी में बदलाव के संकेत हैं।
इनकम टैक्स: फिलहाल मध्यम वर्ग के लिए पुराने या नए टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है (यथावत स्थिति)।
क्या सस्ता हुआ: कैंसर की दवाएं, जीवन रक्षक दवाएं, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और टीवी/माइक्रोवेव सस्ते होने की उम्मीद है क्योंकि इन पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर: सरकार ने ₹12.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय (Capex) आवंटित किया है।
युवा और रोजगार: ‘एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट’ (E2E) योजना और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 पर जोर दिया गया है।
विशेष नोट: शेयर बाजार में STT बढ़ने की खबर के कारण आज बाजार (Sensex और Nifty) में भारी गिरावट देखी गई है।
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सफेदाबाद स्थित बोधिसत्व यूनिवर्सिटी (मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) में हॉस्टल की बदहाली और मेस के घटिया खाने की शिकायत करना एमबीबीएस (MBBS) के इंटर्न डॉक्टरों को महंगा पड़ गया। आरोप है कि शिकायत से भड़के चीफ वार्डन ने अपने साथियों और सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर डॉक्टरों पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे परिसर में करीब 2 घंटे तक भारी हंगामा हुआ।
घटना शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 की बताई जा रही है। हॉस्टल में रहने वाले इंटर्न डॉक्टरों का आरोप है कि पिछले काफी समय से मेस में अस्वास्थ्यकर और गुणवत्ताहीन खाना दिया जा रहा था। इसके अलावा हॉस्टल में पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी भारी किल्लत थी।
जब एक डॉक्टर इसकी शिकायत लेकर चीफ वार्डन अवधेश यादव के पास पहुंचे, तो समाधान करने के बजाय वार्डन और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि वार्डन और उनके साथियों ने डॉक्टरों को दौड़ा-दौड़ाकर लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से पीटा।
सोशल मीडिया पर इस मारपीट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वार्डन और बाउंसर डॉक्टरों पर हमला करते दिख रहे हैं। हमले में एक डॉक्टर के सिर पर लोहे की रॉड लगने से गहरा घाव हुआ है, जबकि कई अन्य डॉक्टरों के हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल डॉक्टरों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
मारपीट की खबर जैसे ही कैंपस में फैली, सैकड़ों की संख्या में एमबीबीएस छात्र और इंटर्न डॉक्टर एकत्र हो गए। उन्होंने अस्पताल की ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डॉक्टरों का कहना है कि:
कॉलेज प्रबंधन भारी-भरकम फीस वसूलता है, लेकिन सुविधाएं शून्य हैं।
छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
शिकायत करने पर बाउंसरों के जरिए डराया-धमकाया जाता है।
हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित छात्रों को शांत कराया और मामले की जांच का आश्वासन दिया। कॉलेज की डायरेक्टर मधुरिका सिंह ने भी आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का बयान
कॉलेज प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच कराने और हॉस्टल की व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया है। साथ ही कहा गया है कि दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।यह रही यू-ट्यूब पर उपलब्ध वायरल वीडियो (या रिपोर्ट वीडियो) जो बाराबंकी के मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में हुई इंटर्न डॉक्टर पर मारपीट / हंगामा को दिखाता है 👇
https://youtu.be/9d-Z2XpAxAI?si=ddUVcu7h1JeaGlvg
इस वीडियो में दावा किया गया है कि मेयो मेडिकल कॉलेज, बाराबंकी में एक इंटरन डॉक्टर पर वार्डन और अन्य लोगों द्वारा हमला किया गया है जब उसने हॉस्टल की खराब सुविधाओं और भोजन के बारे में शिकायत की थी, और इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
घटना का विवरण: संस्थान के इंटर्न डॉक्टरों द्वारा लंबे समय से मेस में परोसे जा रहे घटिया गुणवत्ता वाले भोजन और हॉस्टल में पानी की अनुपलब्धता की शिकायतें कॉलेज प्रशासन से की जा रही थीं। आज जब डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल इस विषय पर वार्ता करने पहुँचा, तो कथित तौर पर चीफ वार्डन और वहां तैनात बाउंसरों ने उग्र होकर डॉक्टरों पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने लोहे की रॉड और लाठी-डंडों का प्रयोग किया, जिसमें कई डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। एक डॉक्टर के सिर पर गंभीर चोट आने की सूचना है।
डॉक्टरों का विरोध: इस अमानवीय कृत्य के विरोध में संस्थान के समस्त डॉक्टरों और छात्रों ने तत्काल प्रभाव से ओपीडी (OPD) और इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया। करीब 2 घंटे तक चले भारी हंगामे के दौरान छात्रों ने ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ के नारे लगाए और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
प्रशासनिक हस्तक्षेप: सूचना पाकर पहुंची स्थानीय पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया। फिलहाल कॉलेज परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पीड़ित डॉक्टरों ने स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और मेस अनुबंध को तत्काल निरस्त करने के साथ-साथ हमलावरों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
विवाद की वजह: शनिवार दोपहर मेस में अत्यधिक खराब खाना परोसा गया था। डॉक्टर जब शांतिपूर्ण ढंग से इसकी शिकायत करने गए, तो मेस स्टाफ और बाउंसरों ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
खूनी संघर्ष: देखते ही देखते बाउंसरों ने डॉक्टरों को घेर लिया और रॉड से हमला कर दिया। हमले में घायल डॉक्टरों के सिर और हाथों में गंभीर फ्रैक्चर की आशंका है।
हंगामा और जाम: मारपीट से आक्रोशित डॉक्टरों ने अस्पताल की सेवाओं को ठप कर दिया। करीब 2 घंटे तक कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा।