मुख्तार के पूर्व शूटर शोएब की बाराबंकी में दिनदहाड़े हत्या: 15 से ज्यादा गोलियों से छलनी की कार, इलाके में भारी तनाव
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े पूर्व शार्प शूटर मोहम्मद शोएब उर्फ बॉबी की गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए फिल्मी अंदाज में शोएब की कार को घेरा और उस पर 15 से अधिक राउंड फायरिंग की। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल गया।
मोहम्मद शोएब का नाम कभी मुख्तार अंसारी गैंग के बेहद करीबियों में गिना जाता था। वह चर्चित जेलर आर.के. तिवारी हत्याकांड में भी आरोपी रह चुका था। इस हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और आपराधिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
कैसे हुई वारदात? (चश्मदीदों की जुबानी)
जानकारी के अनुसार, घटना बाराबंकी के कोतवाली थाना क्षेत्र की है। शोएब उर्फ बॉबी अपनी कार से कहीं जा रहा था, तभी पहले से घात लगाए बाइक सवार हमलावरों ने उसे रास्ते में रोक लिया। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों की संख्या 2 से 3 थी और वे अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे।
जैसे ही शोएब की कार धीमी हुई, हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की बौछार इतनी तेज थी कि शोएब को कार से निकलने या संभलने का मौका तक नहीं मिला। कार के शीशे चकनाचूर हो गए और शोएब का शरीर गोलियों से छलनी हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर हवा में हथियार लहराते हुए फरार हो गए।
कौन था मोहम्मद शोएब उर्फ बॉबी?
मोहम्मद शोएब का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। उसे मुख्तार अंसारी गिरोह का एक वफादार और घातक शूटर माना जाता था। शोएब का नाम सबसे ज्यादा तब चर्चा में आया जब लखनऊ में जेलर आर.के. तिवारी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में शोएब मुख्य आरोपियों में शामिल था।
हालांकि, पिछले कुछ समय से वह कानूनी पचड़ों और जेल से बाहर आने के बाद अपनी गतिविधियों को सीमित रखने का दावा कर रहा था, लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि वह अभी भी जमीन के कारोबार और आपसी विवादों में सक्रिय था।
गैंगवार की आशंका और पुलिस की कार्रवाई
हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और कार के आसपास से भारी मात्रा में खाली कारतूस बरामद किए गए हैं।
बाराबंकी पुलिस अधीक्षक (SP) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। प्राथमिक जांच में इसे ‘गैंगवार’ या पुरानी रंजिश का नतीजा माना जा रहा है। मुख्तार अंसारी की मौत के बाद उसके करीबियों पर होने वाले हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इलाके में दहशत का माहौल
दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने बाराबंकी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। घटनास्थल के आसपास की दुकानें बंद हो गई हैं और स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह से फायरिंग हो सकती है
निष्कर्ष
मोहम्मद शोएब उर्फ बॉबी की हत्या उत्तर प्रदेश में अपराध की दुनिया के बदलते समीकरणों की ओर इशारा करती है। मुख्तार अंसारी के साम्राज्य के पतन के बाद क्या यह किसी नए गैंग के उदय की आहट है या पुरानी दुश्मनी का बदला? यह तो पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

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